रांची , अप्रैल 23 -- झारखंड के सबसे बड़े सरकारी रिम्स में बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण को लेकर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, भवन निर्माण विभाग के प्रतिनिधि, नर्सिंग स्टाफ, परिचारिकाएं, हाउसकीपिंग कर्मी और संबंधित एजेंसी मेडिकेयर के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में बायोमेडिकल वेस्ट के समुचित संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित तरीके से कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन सेंटर तक परिवहन को सभी संबंधित पक्षों की संयुक्त जिम्मेदारी बताया गया। सभी स्टेकहोल्डर्स को इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि हर विभाग अपने स्तर पर वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था को दुरुस्त रखे और किसी भी तरह की लापरवाही से बचे। इसका उद्देश्य संक्रमण और पर्यावरण प्रदूषण के खतरे को न्यूनतम करना है। बैठक में रिम्स परिसर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर भी गंभीर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि सामान्य कचरा और बायोमेडिकल वेस्ट किसी भी परिस्थिति में खुले में न पड़े और दोनों का मिश्रण न हो, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है।
इसी दिशा में एक अहम निर्णय लेते हुए सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल क्षेत्र के चारों ओर जालीदार बाउंड्री बनाने का फैसला लिया गया। इससे आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की आवाजाही पर रोक लगेगी। साथ ही, परिसर में घूम रहे आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नगर निगम को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई।
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