बोकारो , सितंबर 22 -- झारखंड के बोकारो में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने दिया है।

आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर नियमित जांच एवं निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

उपायुक्त श्री झा ने जिले के सात संवेदनशील स्थलों पर चेकनाका स्थापित करने तथा वहां तीन पालियों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन एवं खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में लगातार जांच अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

बैठक के दौरान विभिन्न परियोजनाओं के महाप्रबंधकों की अनुपस्थिति पर उपायुक्त श्री jha ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि अगली जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में संबंधित परियोजनाओं के महाप्रबंधकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

श्री झा ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और सरकार के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा, सीआईएसएफ कमांडेंट आर.पी. सिंह, नगर डीएसपी श्री राजीव रंजन, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार सिंह, डीडीएम शक्ति कुमार समेत सीसीएल, बीसीसीएल, ढोरी, बीएनके, कथारा एवं अन्य परियोजनाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि 28 जुलाई से 19 सितंबर 2026 तक अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 46 वाहन जब्त किए गए। इस दौरान 8 शिकायत वाद दर्ज किए गए तथा कुल 28.18 लाख रुपये की वसूली हुई।

खनिजवार कार्रवाई में बालू से संबंधित 32 वाहन जब्त किए गए तथा 12.04 लाख रुपये की वसूली हुई। पत्थर के मामले में 10 वाहन जब्त कर 16.14 लाख रुपये की वसूली की गई। कोयले से संबंधित मामलों में 4 वाहन जब्त किए गए तथा नियमानुसार शिकायत वाद दर्ज कर कार्रवाई की गई।

जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि जिले के सात संवेदनशील स्थलों पर चेकनाका स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए संयुक्त आदेश जारी कर दिया गया है। इन चेकनाकों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। तीन पालियों में 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, ताकि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बैठक में बताया गया कि जिले के सात बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सभी सात घाट समर्थ एड प्रोटेक्शन प्राइवेट लिमिटेड को प्राप्त हुए हैं। कंपनी द्वारा लगभग पांच करोड़ रुपये की प्रतिभूति राशि जमा की जा चुकी है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से रोक संबंधित अवधि समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर से खेतको एवं पिछड़ी बालू घाटों का संचालन प्रारंभ किया जा सकेगा। दोनों घाटों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। शेष बालू घाटों के संचालन की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।

उपायुक्त श्री झा ने खनन एवं औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित प्रदूषण की शिकायतों की पारदर्शिता एवं तथ्यपरक तरीके से स्थल जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने संबंधित परियोजनाओं को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों एवं उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा आमजनों के बीच जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। जिले में स्थापित प्रदूषण मापन इकाई से प्राप्त आंकड़ों की नियमित समीक्षा कर उससे प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक उपायों को और प्रभावी बनाने को कहा।

उपायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभाग को मासिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा सीधे प्रभावित खनन क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सेंसर आधारित निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने परियोजना क्षेत्रों में विस्थापितों से संबंधित समस्याओं, आंतरिक विधि-व्यवस्था तथा दीर्घकालिक योजनाओं पर परियोजनावार कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित परियोजनाएं अपने क्षेत्र की समस्याओं एवं संभावित चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार करें।

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