रांची , मई 20 -- झारखंड के पूर्व मंत्री और मिथिलेश ठाकुर के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
प्रधानमंत्री के विदेश दौरे और मीडिया से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाद नहीं करने पर तंज कसते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। पोस्ट में भारत का एक नक्शा इस्तेमाल किया गया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विवादित क्षेत्र के रूप में दिखाया गया। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और पोस्ट को देश की अखंडता से जुड़ा मामला बताते हुए आलोचना शुरू कर दी। मिथिलेश ठाकुर ने पोस्ट में लिखा था, "हम प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते। यही हमारी परंपरा रही है। कोई शक? कोई परेशानी?"इस पर बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि झारखंड में नल-जल घोटाले के मुख्य आरोपी, झामुमो के महासचिव एवं पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर द्वारा भारत का खंडित नक्शा जारी करना बेहद शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और देश की अखंडता पर सीधा प्रहार है। सत्ता और तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी झामुमो लगातार झारखंड विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रही है, लेकिन अब वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की एकता और संप्रभुता से भी समझौता किया जा रहा है।
नल-जल योजना में भारी कमीशनखोरी, गढ़वा में बालू और जमीन लूट के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री ने जिस प्रकार कश्मीर को भारत से अलग दिखाने का दुस्साहस किया है, वह करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का अपमान है। यह केवल एक "गलती" नहीं, बल्कि मानसिकता को दर्शाने वाला गंभीर कृत्य है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बताएं कि क्या ऐसे लोगों को संरक्षण देना उनकी सरकार की नीति बन चुकी है? देश की अखंडता से खिलवाड़ करने वालों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और मिथिलेश ठाकुर को झारखंड एवं देशवासियों से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
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