रांची , जनवरी 23 -- झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को शुक्रवार को दोबारा सफलता मिली।
किरीबुरू थाना क्षेत्र के बीहड़ कुमड़ी-हिंजोदिरी गांव के बीच मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मार गिराई गई। इससे कुल मारे गए नक्सलियों की संख्या 16 हो गई।
गुरुवार सुबह 6:30 बजे शुरू हुए 'ऑपरेशन मेधा बुरु' में 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया।
इस ऑपरेशन में एक करोड़ के इनामी माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल दा के दस्ते ने गोलीबारी की, जवाब में एक करोड़ के इनामी माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत 15 नक्सली मारे गए थे। गुरुवार को मारे गए नक्सलियों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं। मारे गए नक्सलियों में अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, बुलबुल अल्डा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी, जोंगा और अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी) शामिल है। कई पर झारखंड-ओडिशा-एनआईए द्वारा लाखों का इनाम था।
अनल उर्फ पतिराम मांझी गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र का निवासी था। उस पर झारखंड में एक करोड़ रुपये, ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपये और एनआईए द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ कुल 149 आपराधिक मामले दर्ज थे।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक चाईबासा के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हुए कई आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में उसके दस्ते की अहम भूमिका रही है। आईजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि अनल दा के मारे जाने से ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इस मुठभेड़ के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 50 से 60 के बीच रह गई है. झारखंड पुलिस ने शेष बचे नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है। फिलहाल पूरे सारंडा क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
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