धनबाद , सितंबर 12 -- झारखंड के धनबाद जिले में गोमो आरपीएफ ने ऑपरेशन वाइल्डलाइफ के तहत कार्रवाई करते हुए हावड़ा दून एक्सप्रेस के जनरल कोच से 48 जीवित कछुओं को बरामद किया है।

कछुए चार लावारिस बैग और थैलों में भरकर रखे गए थे। बरामद कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।

आरपीएफ के अनुसार, ट्रेन संख्या 13010 योग नगरी ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस में गया से धनबाद तक मार्गरक्षण दल ड्यूटी पर तैनात था। ड्यूटी के दौरान जनरल कोच संख्या आई आर 201142सी की जांच की गई। इस दौरान कोच में तीन थैले और एक बैग लावारिस अवस्था में मिले।

आरपीएफ जवानों ने थैले और बैग के संबंध में यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी उन पर अपना मालिकाना हक नहीं जताया। यात्रियों ने सामान के बारे में जानकारी होने से भी इनकार किया। संदेह होने पर जब थैलों और बैग में रखे जूट के बोरों को बाहर से टटोला गया तो उनके अंदर कछुए होने का आभास हुआ।

इसके बाद आरपीएफ ने सामान के मालिक की तलाश की, लेकिन कोई सामने नहीं आया। संदेह के आधार पर थैलों और बैग को खोलकर जांच की गई तो उनमें कुल 48 जीवित कछुए मिले। आरपीएफ ने सभी कछुओं को नियमानुसार जब्त कर लिया।

जीवित कछुओं को रात 2:10 बजे गोमो स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर उप निरीक्षक मोहम्मद शाकिब आलम ने कब्जे में लेकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचाया। कछुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्रदान किया गया। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए सभी 48 कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।

आरपीएफ के मुताबिक, बरामद सभी कछुए इंडियन फ्लेपशेल (लिस्सेमिस पंक्टाटा) प्रजाति के हैं। चार बैग और थैलों से कुल 48 जीवित कछुए बरामद किए गए हैं।

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