नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- झारखंड सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को गति देने के लिए दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अधीनस्थ डिजिटल भारत निधि के साथ गुरुवार को एक समझौता किया।

इस समझौते के तहत राज्य के नेतृत्व वाले मॉडल के अनुरूप झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) का कार्यान्वयन किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, झारखंड सरकार, झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेडीआईसीएल), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और झारखंड संचार नेटवर्क लिमिटेड (जेसीएनएल) के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा, बीएसएनएल के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) सुधाकर राव पापा और दूरसंचार विभाग एवं बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दूरसंचार विभाग के उपमहानिदेशक (एबीपी कार्यान्वयन-1) दिनेश कुमार गर्ग और झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं ई-गवर्नेंस की सचिव पूजा सिंघल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 04 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य वर्तमान भारतनेट नेटवर्क को उन्नत, सुदृढ़ और विस्तारित करना था ताकि मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मजबूत तथा भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।

झारखंड में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत, यह परियोजना "झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेडीसीएल)" नामक एक नये विशेष उद्यम (एसपीवी) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी। इस कार्यक्रम में कुल 4,395 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी, जिनमें नेटवर्क की मजबूती बढ़ाने के लिए 4,387 ग्राम पंचायतों को 'लीनियर' से 'रिंग' टोपोलॉजी में अपग्रेड करना और आठ नवगठित ग्राम पंचायतों को जोड़ना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अंतिम छोर तक संचार संपर्क को मजबूत करने के लिए 26,777 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

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