गिरिडीह , जुलाई 12 -- झारखंड के गिरिडीह शहर में देर राततक एक ही दिन के भीतर चेन स्नैचिंग की तीन अलग-अलग घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अपराधियों ने शाहर के कृष्णा नगर, सिहोडीह और बरगंडा में महिलाओं को निशाना बनाकर लाखों रुपये की सोने की चेन झपट ली और आसानी से फरार हो गए।

पहली घटना कृष्णा नगर में हुई, जहां अपने बच्चे को ट्यूशन छोड़ने जा रही सोनी कुमारी के गले से बाइक सवार दो बदमाशों ने सोने की चेन झपट ली। दूसरी वारदात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिहोडीह में हुई, जहां रिश्तेदार के घर से लौट रही संगीता देवी से करीब 1.5 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन छीन ली गई। वहीं तीसरी घटना बरगंडा में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आवास के समीप हुई, जहां ईवनिंग वॉक पर निकली आशा देवी के गले से करीब 4 लाख रुपये की सोने की चेन झपट ली गई। इस घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई।

एक ही दिन में लगातार तीन झपटमारी की घटनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सवाल यह है कि जब दिनदहाड़े और वीआईपी इलाके के आसपास भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या शहर में पुलिस की गश्ती व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रह गई है? आखिर अपराधियों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं दिख रहा?इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली और अपराध नियंत्रण की रणनीति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

अब शहरवासियों की निगाह इस बात पर है कि पुलिस सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और क्या लगातार हो रही झपटमारी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगा पाती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित