गिरिडीह , अगस्त 25 -- झारखंड के गिरिडीह जिले के बनियाडीह सीसीएल एरिया के लंकास्टर अस्पताल परिसर में मंगलवार की अहले सुबह अचानक भू-धंसान होने से अफरा-तफरी मच गई।
भू-धंसान की चपेट में अस्पताल के दो भवन आ गए, जिनका बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर जमीन में धंस गया।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अस्पताल परिसर की सड़क और आसपास के बड़े भू-भाग में भी जगह-जगह चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
बताया जाता है कि सोमवार की रात अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार रात्रि पाली में ड्यूटी पर थे। मंगलवार की सुबह करीब चार बजे वे अन्य कर्मियों के साथ अस्पताल से बाहर निकले, तो जमीन और भवन में धंसान होता देखा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सभी कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और इसकी सूचना सीसीएल के अधिकारियों को दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल गिरिडीह एरिया के जीएम कन्हैया शंकर गैवाल, परियोजना पदाधिकारी गोपाल सिंह मीणा, चिकित्सक पदाधिकारी परिमल सिन्हा, सिविल विभाग के रामाकांत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि सुबह करीब चार बजे जमीन धंसने के साथ भवन में भी धंसान शुरू हुआ। इसके बाद तत्काल सभी कर्मियों को बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि पूरा अस्पताल परिसर खतरे की जद में है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जीएम ने अधिकारियों को तत्काल एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल के प्रभावित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए सीसीएल गार्ड के साथ होमगार्ड जवानों की भी तैनाती की गई है।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में जीएम कन्हैया शंकर गैवाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। स्थिति का आकलन करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोकने और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
भू-धंसान की घटना के बाद आसपास के लोगों और अस्पताल कर्मियों में भी चिंता का माहौल है। अब निगाहें सीसीएल की जांच रिपोर्ट और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।
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