कोडरमा , सितंबर 07 -- झारखंड के कोडरमा जिले में गांजा तस्करी एक मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत मिश्रा की अदालत ने दो आरोपियों को 7-7 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने सोमवार को 23 वर्षीय अवेता रैना, पिता स्व. मातियो रैना, कैसा, जिला- गंजाम उड़ीसा, 26 वर्षीय कुमार गमगा, पिता स्व. मोसेस गंमगा, साकिन- धुबरी, थाना- सुलझा, जिला - गंजाम उड़ीसा को 20(2) बी एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 7-7 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही Rs.25000 जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 3 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामला वर्ष 2025 का है। इसे लेकर कोडरमा रेलरथाना में थाना कांड संख्या 14/2025 दर्ज हुआ था।( एनडीपीएस 14/2025) जितेंद्र कुमार उप निरीक्षक रेल सुरक्षा बल ने मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में जांच के दौरान दो लड़कों के बैग में 7 केजी गांजा बरामद किया गया था पूछताछ करने पर बताया कि उड़ीसा से भभुआ रोड अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से ले जा रहा था।

अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया। इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया। कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्तों को दोषी पाते हुए 7-7 साल सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया।

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