रांची , अप्रैल 01 -- झारखंड के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बताया कि जनवरी, 2020 से जनवरी, 2026 तक नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो और झारखंड पुलिस के वेबसाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक बलात्कार की 10113 घटनाएं, किडनैपिंग की 11000 से ज्यादा घटनाएं, चोरी की 60000 से ज्यादा वारदातें, 9213 हत्याएं और कुल 2 लाख 80 हजार संज्ञेय अपराध हो चुके हैं। 2020 से आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
श्री शहदेव आज प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था की स्थिति पूरे तरीके से चौपट हो गई है। प्रतुल ने कहा स्थिति ऐसी हो गई है जैसे हर गली में रहमान डकैत घूम रहा है और लोग पूरे तरीके से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
श्री शहदेव ने कहा कि झारखंड में पानी सर के ऊपर चला गया है। विधि व्यवस्था को लेकर उच्च न्यायालय भी कई बार सरकार को फटकार लगा चुकी है। उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था की यह दयनीय स्थिति इसलिए हुई है कि सरकार का फोकस विधि व्यवस्था ठीक करने में है ही नहीं। प्रदेश में माफिया बालू चोरी, कोयला चोरी ,लोहा चोरी का बड़ा खेल कर रहे हैं। यह बिना सरकार के संरक्षण के संभव नहीं प्रतीत होता है।
कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने खुद बताया कि मुख्यमंत्री के अंतर्गत आने वाले माइनिंग विभाग पर राज्य के माइनिंग माफियाओं की चलती है। प्रभारी के राजू ने भी खुद स्वीकार किया था कि प्रदेश में विधि व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
श्री शहदेव ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात है की पुलिस का अपराधियों को सजा दिलाने का भी रिकॉर्ड बहुत फिसड्डी रहा है। बलात्कार के आरोपियों को सजा दिलाने का भी झारखंड पुलिस का प्रतिशत संतोषजनक नहीं है। जब तक आरोपियों को सजा नहीं दिलाई जाएगी,वारदातें ऐसी ही बढ़ती जाएंगी। प्रतुल ने कहा कि प्रति लाख आंकड़ों में अपराध की बात करें तो तो भी झारखंड की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
श्री शहदेव ने पुलिस प्रशासन से कहा कि वह शीघ्र लोगों का विश्वास जीते,अपराधियों को सजा दिलाएं और अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करें।वरना ऐसी घटनाएं होती रहें। झारखंड पुलिस ने नई गाड़ियां तो खरीद ली। लेकिन जब तक वो नए जज्बे से अपराध के खिलाफ अभियान नहीं चलाएंगे, स्थिति में सुधार नहींहोगा।
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