रांची , जून 17 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड को पत्र लिखकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान गणना प्रपत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज स्वीकार करने तथा इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की है।
श्री पाण्डेय ने पत्र में कहा है कि झारखंड में संचालित एसआईआर के संबंध में मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी गई है कि गृह-गणना चरण में मतदाताओं से केवल गणना प्रपत्र लिया जाएगा और दस्तावेज बाद में नोटिस एवं सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ही स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में एसआईआर के लिए जारी दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि बिहार के लिए जारी आयोग के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि प्रत्येक मतदाता गणना प्रपत्र के साथ आवश्यक स्वप्रमाणित दस्तावेज भी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को सौंपेगा। साथ ही बीएलओ को दस्तावेज प्राप्त कर उनकी पुष्टि करने और अभिलेख सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया था।
झामुमो महासचिव श्री पाण्डेय ने कहा कि यदि बिहार में गृह-गणना चरण के दौरान दस्तावेज लिए जा सकते थे, तो झारखंड में उसी निर्वाचन आयोग के अधीन संचालित प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा है कि यदि झारखंड के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है तो उसके संबंध में जारी विशेष दिशा-निर्देश सार्वजनिक किए जाएं।
पत्र में कहा गया है कि निर्वाचन तंत्र के पास पहले से ही ऐसे मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध है जिनके रिकॉर्ड में विसंगति (एनॉमली) या अनमैप्ड स्थिति मौजूद है। ऐसे मामलों में गृह-गणना चरण के दौरान ही दस्तावेज प्राप्त कर लिए जाने से बाद में नोटिस जारी करने की आवश्यकता कम होगी और प्रशासनिक बोझ भी घटेगा। इससे प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों तथा राज्य से बाहर कार्यरत नागरिकों को भी राहत मिलेगी।
झामुमो ने मांग की है कि बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी गणना प्रपत्र के साथ स्वप्रमाणित दस्तावेज स्वीकार करने की अनुमति दी जाए। साथ ही एनॉमली एवं अनमैप्ड श्रेणी के मतदाताओं के लिए विशेष निर्देश जारी किए जाएं तथा सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और बीएलओ को एक समान लिखित दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएं। इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन आयुक्तों, नई दिल्ली को भी भेजी गई है।
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