लातेहार , जून 19 -- झारखंड की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बैद्यनाथ राम अब संसद के उच्च सदन में पहुंच गए हैं।
गांव के बच्चों को पाठ पढ़ाने वाले एक शिक्षक से लेकर राज्यसभा सांसद बनने तक का सफर आसान नहीं था। यह सफर संघर्ष, धैर्य, जनसेवा और जनता के अटूट विश्वास से होकर गुजरा। तीन बार विधायक और पांच बार मंत्री रह चुके बैद्यनाथ राम का राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना उनके लंबे सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
उनके चयन के साथ ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, जबकि राजनीतिक हलकों में भी उनकी यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है।
बैद्यनाथ राम ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी। गांवों में बच्चों को शिक्षा देने के दौरान उन्होंने समाज की समस्याओं को करीब से देखा और समझा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों से उनका सीधा जुड़ाव रहा। इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि व्यापक बदलाव के लिए नीति निर्माण की प्रक्रिया में भागीदारी आवश्यक है, जिसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना।
सादगीपूर्ण जीवनशैली और जनसरोकारों से जुड़े रहने के कारण उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। जनता के समर्थन से वे तीन बार विधानसभा पहुंचे और विभिन्न सरकारों में पांच बार मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी स्तर पर सक्रियता उनकी प्रमुख विशेषताएं रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षक जीवन के अनुभवों ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान की। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी तथा सत्ता में रहते हुए भी आम लोगों से संपर्क बनाए रखा।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, राज्यसभा तक पहुंचना बैद्यनाथ राम के लंबे राजनीतिक संघर्ष, धैर्य और जनविश्वास का परिणाम है। उनका सफर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय माना जा रहा है। गांव के एक शिक्षक का देश की सर्वोच्च विधायी संस्थाओं में से एक तक पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि समर्पण और निरंतर प्रयास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम के राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने की सूचना मिलते ही कल उनके लातेहार स्थित आवास पर समर्थकों ने जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर खुशी व्यक्त की। इस अवसर पर झामुमो नेता एवं उनके सुपुत्र प्रभात कुमार, चंदन कुमार, संतोष अग्रवाल, झामुमो जिला सचिव एहसान अंसारी, अशोक प्रसाद, कौशल पाण्डेय, मदन सिंह, हरिओम पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित