नैनीताल , सितम्बर 07 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिला मुख्यालय से सटे ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण गांवों में फैले संक्रमण के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी (डीएम) नैनीताल और मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को 24 घंटे के अंदर तलब किया है।

अधिवक्ता रवि बिष्ट की ओर से दायर जनहित याचिका पर वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता रवि बिष्ट की ओर से इस मामले को आज सुबह खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिये उठाया गया। खंडपीठ ने शाम के समय इस प्रकरण पर सुनवाई की बात कही।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नैनीताल जिला मुख्यालय से सटे ज्योलिकोट क्षेत्र में पिछले लंबे समय से दूषित पेयजल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण फैला हुआ है। कई ग्रामीण बीमार हैं। लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से दो लोगों की मौत हो गयी है।

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