रुद्रपुर , सितंबर 18 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली महामारी और उसके फलस्वरूप हुई दो लोगों की मौत तथा 250 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटना के बाद ऊधमसिंहनगर जिला प्रशासन हरकत में आया है।
जिला प्रशासन ने दूषित पेयजल से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम और प्रभावी निगरानी के लिए जिले में "पेयजल जनित संक्रमण अनुश्रवण समिति" का गठन किया है।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में गठित समिति में मुख्य विकास अधिकारी को उपाध्यक्ष और अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड जल संस्थान (अनुरक्षण खंड) को सदस्य सचिव बनाया गया है।
इनके अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, नगर निगम रुद्रपुर व काशीपुर के नगर आयुक्त, समस्त नगर पालिका/नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा पेयजल निगम व जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भी सदस्य बनाया गया है।
समिति पेयजल स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर हर माह नियमित बैठक करेगी। किसी भी क्षेत्र में पेयजल जनित संक्रमण की घटना सामने आने पर समिति तत्काल विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। इसके तहत संक्रमण के संभावित स्रोत, जलापूर्ति व्यवस्था, जल स्रोत, वितरण तंत्र, टैंक, पाइपलाइन, रिसाव/सीलन के कारण पानी का रिसना की संभावना तथा पेयजल व सीवरेज प्रणालियों के बीच किसी संभावित अंतरसंबंध की जांच की जाएगी। जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग के रोग सर्विलांस आंकड़ों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर संक्रमण के कारणों व जिम्मेदारी का निर्धारण भी किया जाएगा।
समिति पेयजल स्रोतों, जलाशयों/टैंकों और वितरण प्रणाली की नियमित सफाई, फ्लशिंग, ब्लीचिंग व मानकों के अनुरूप क्लोरीनेशन सुनिश्चित कराएगी। साथ ही पाइपलाइनों में रिसाव और सीलन के कारण पानी का रिसना और तकनीकी खामियों को चिन्हित कर उनका निवारण किया जाएगा तथा पेयजल और सीवरेज प्रणालियों की पृथकता सुनिश्चित की जाएगी ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन की आशंका खत्म हो सके। नमूनों की प्रयोगशाला जांच और परिणामों के आधार पर सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैंप, रोग सर्विलांस, निदान, औषधि वितरण और जन-जागरूकता संबंधी गतिविधियां चलाई जाएंगी। संक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान के लिए डोर-टू-डोर सर्विलांस भी सुनिश्चित किया जाएगा।
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