अल्मोड़ा , जून 17 -- उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में "ज्ञान भारतम् मिशन" के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए बुधवार को विकास भवन सभागार में बैठक आयोजित की गई।
मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्राचीन पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों, भोजपत्रों, हस्तलिखित ग्रंथों तथा अन्य दुर्लभ अभिलेखों के चिह्नीकरण और सूचीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सरकारी एवं निजी संस्थानों के साथ-साथ व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के पास सुरक्षित पड़ी दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों की जानकारी एकत्र कर सूची तैयार की जाए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ऐसे संग्रहों की जानकारी जुटाने के निर्देश भी दिए गए।
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अभियान के तहत प्राप्त पांडुलिपियों और दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा तथा पूरी सुरक्षा के साथ उन्हें पुनः उनके स्वामियों को लौटा दिया जाएगा। इससे देश की अमूल्य सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के संरक्षण में मदद मिलेगी।
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