हाजीपुर , मई 09 -- बिहार में वैशाली की जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के निर्देशानुसार ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत वैशाली जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, सूचीकरण एवं सत्यापन का कार्य निरंतर किया जा रहा है। वैशाली जिले में लगभग साढ़े आठ सौ प्राचीन पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक सूचीकरण एवं सत्यापन किया गया, जिसे मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सूचीबद्ध एवं सत्यापित पांडुलिपियों में धर्मग्रंथ, पूजा-पाठ विधि, संस्कृत श्लोक, ऐतिहासिक दस्तावेज, पारंपरिक ज्ञान तथा विभिन्न सांस्कृतिक विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री शामिल है। ये पांडुलिपियां भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक धरोहर की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर इन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के उद्देश्य से जिले के विभिन्न प्रखंडों, संस्थानों एवं निजी संग्रहों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, पहचान, सूचीकरण एवं सत्यापन का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।

जिला पदाधिकारी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञान भारतम् मिशन भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां, दस्तावेज अथवा ऐतिहासिक अभिलेख सुरक्षित हैं, तो वे उनकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे इन धरोहरों का संरक्षण एवं डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

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