जयपुर , अक्टूबर 13 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करते हुए ऐसा व्यक्तित्व विकसित करना चाहिए, जिसमें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और कर्तव्यबोध का समन्वय हो। यही गुण उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करनेमें सक्षम बनाते हैं।
श्री देवनानी मंगलवार को यहां विधानसभा जन-दर्शन कार्यक्रम के तहत अजमेर के सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं के राजस्थान विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण के अवसर पर उनसे संवाद कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई, रुचियों और खेलकूद सहित विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। इस काल में अर्जित ज्ञान, विकसित दृष्टिकोण और आत्मसात किए गए मूल्य जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, कठिन परिश्रम करने तथा अपनी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें निरंतर निखारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि अपने ज्ञान को अपनी शक्ति, अपने चरित्र को अपनी पहचान और अपने कर्म को राष्ट्र की प्रगति का आधार बनाएं।
श्री देवनानी ने विद्यार्थियों को राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों पर निर्भर करती है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा सदन की कार्यप्रणाली, विधायी गतिविधियों तथा संसदीय परंपराओं को समझा। राजनीतिक आख्यान संग्रहालय के अवलोकन से उन्हें राजस्थान की राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक यात्रा के विभिन्न पहलुओं को जानने का अवसर मिला है।
विद्यार्थियों ने विधानसभा भ्रमण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव बताते हुए श्री देवनानी का आभार व्यक्त किया। इस शैक्षणिक भ्रमण ने उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को समझने तथा नागरिक के रूप में अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया। श्री देवनानी का विद्यालय के निदेशक राजा डी. थारवानी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया और बच्चों को विधानसभा देखने का मौका देने के लिए उनका आभार जताया।
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