वाराणसी , अक्टूबर 10 -- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में युवा परिषद के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को वाराणसी में न्याय मार्च निकाला। सुभाष मंदिर से मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक निकाले गए मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की तथा चुनाव आयोग के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
युवा परिषद अनुसार, संगठन के कार्यकर्ता चुनाव आयोग पर सवाल उठाने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले नेताओं के खिलाफ आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों ने विदेशी फंडिंग की जांच कराने, कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की।
मार्च का नेतृत्व युवा परिषद की खुशी रमन भारतवंशी और प्रज्ञा परमिता महारी ने किया। दोनों ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए कथित विदेशी फंडिंग के स्रोतों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। उन्होंने जॉर्ज सोरोस और राहुल गांधी के कथित संबंधों की जांच कराने की भी मांग की। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
युवा परिषद की जीनत रहमान ने कहा कि यदि राहुल गांधी को चुनाव में अनियमितताओं का संदेह है तो उन्हें पहले कांग्रेस के नेतृत्व और विपक्षी दलों की चुनावी सफलता पर भी सवाल उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से कथित फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जाने के कारण कांग्रेस चुनाव आयोग पर निशाना साध रही है।
युवा परिषद के नेता डॉ. एपी सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में अपना अभियान जारी रखेगा।
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