वाराणसी , अक्टूबर 08 -- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में गुरुवार को विरोध पदयात्रा निकाली गई।

पदयात्रा मैदागिन स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर लहुराबीर स्थित आजाद पार्क होते हुए क्वीन्स कॉलेज के मुख्य द्वार तक पहुंची। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मां गंगा के जल का छिड़काव कर प्रतीकात्मक शुद्धीकरण किया और अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने क्वीन्स कॉलेज, वाराणसी से शिक्षा प्राप्त की है। जिस काशी और शिक्षण संस्थान ने उन्हें शिक्षा और संस्कार दिए, आज उन्हीं से जुड़े व्यक्ति की कार्यप्रणाली को लेकर काशी और कॉलेज की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है और मताधिकार से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा आघात है।

पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक श्री कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।

महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता के मताधिकार की रक्षा करना प्रत्येक लोकतंत्रवादी नागरिक का कर्तव्य है। यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में संदेह पैदा होता है तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर देश की जनता का विश्वास कायम रहना चाहिए और इसके लिए आयोग की कार्यप्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।

श्री चौबे ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को वाराणसी और क्वीन्स कॉलेज की धरती से शिक्षा मिली है, लेकिन आज उनकी कार्यप्रणाली को लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठ रहे हैं। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्वीन्स कॉलेज के मुख्य द्वार पर प्रतीकात्मक शुद्धीकरण किया। उन्होंने कहा कि काशी की धरती लोकतंत्र, सत्य और न्याय की धरती है तथा यहां लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास सबसे बड़ी शक्ति उसका वोट है। जनता जिस प्रतिनिधि को चुनना चाहती है, उसका निर्णय उसके मत से होता है। यदि किसी भी स्तर पर मताधिकार को प्रभावित करने या वोट की चोरी का प्रयास होता है तो यह सीधे तौर पर देश की जनता के अधिकार पर हमला है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित