वाराणसी , मई 30 -- वाराणसी में ज्ञानवापी जमीन अदला-बदली प्रकरण को लेकर शनिवार को न्यायाधीश तुलिका बंधु की लघु वाद न्यायालय में सुनवाई हुई।
बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि वर्ष 2021 में विश्वनाथ धाम के निर्माण के समय कुछ जमीन, जिसे मुस्लिम पक्ष का स्वामित्व मानते हुए, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने फूल मंडी के पास स्थित एक मकान से अदला-बदली कर ली थी। उन्होंने कहा कि हिंदू जनमानस सभी जमीन को बाबा विश्वनाथ की मानता है। ऐसे में विधिक रूप से उसका स्वामित्व अंजुमन इंतजामिया का कैसे मान लिया गया।
इस संबंध में सितंबर 2024 में अदला-बदली को निरस्त कराने के लिए वाद दाखिल किया गया था। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार, बजरिये जिलाधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद तथा अंजुमन इंतजामिया को पक्षकार बनाया गया था। उन्होंने बताया कि सभी पक्षकार उपस्थित होकर मामले को टाल रहे थे और तारीख पर तारीख लग रही थी। शनिवार को इस मामले पर बहस हुई। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार, बजरिये जिलाधिकारी तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद को जवाब दाखिल करने का अवसर समाप्त कर दिया। वहीं, अंजुमन इंतजामिया पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।
(लघु वाद न्यायालय) की न्यायाधीश तुलिका बंधु ने अंजुमन इंतजामिया के अधिवक्ता द्वारा जवाबदेही दाखिल करने के लिए मोहलत मांगे जाने पर 500 रुपये जुटाने के साथ प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए चेतावनी दी कि जवाबदेही दाखिल करने के लिए यह अंतिम अवसर होगा।
श्री राय ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे प्लॉट संख्या 8276, मौजा शहर खास, काशी विश्वनाथ मंदिर की संपत्ति है। अंजुमन इंतजामिया ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा क्रय किए गए भवन संख्या सीके-38/12, 13 से संबंधित प्लॉट संख्या 8276 के अंशभाग को अपना बताते हुए उसकी अदला-बदली कर ली, जो सरासर गलत है।
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