रामपुर , जुलाई 21 -- उत्तर प्रदेश के रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विरुद्ध प्रस्तावित प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में छात्रों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर को ध्वस्त नहीं किए जाने तथा उनके शैक्षणिक भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने कथित निर्माण अनियमितताओं का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार 30 जुलाई तक चिन्हित अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर के भीतर बनी चार लेन सड़क को सार्वजनिक मार्ग बताते हुए गेट को अवैध करार दिया है। अग्निशमन विभाग तथा आयकर विभाग ने भी विभिन्न अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी किए हैं।

इन कार्रवाइयों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ छात्र-छात्राओं में भी चिंता व्याप्त है। इसी के विरोध में छात्र पिछले चार दिनों से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे हैं। धरनास्थल पर मौजूद उत्तराखंड निवासी छात्रा इकरा ने कहा कि वह विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहती हैं और यह संस्थान उनके लिए घर जैसा है। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा निर्माण संबंधी अनियमितता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन विश्वविद्यालय को ध्वस्त नहीं किया जाना चाहिए।

फार्मेसी के छात्र मोहम्मद शोएब और मोहम्मद शावेज़ सहित अन्य छात्रों ने मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को तोड़ने संबंधी आदेश वापस लिया जाए तथा यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर छात्र आंदोलन को और तेज करेंगे तथा भूख हड़ताल भी करेंगे।

छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रशासन द्वारा लगाए गए काउंसलिंग कैंप का भी विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार उनकी आपत्ति के बाद प्रशासन ने कैंप हटा लिया। फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर के बाहर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है तथा प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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