जौनपुर , जुलाई 16 -- उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 92 हजार रुपये नकद, 10 फर्जी आधार कार्ड और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरोह का सरगना दीपेश उर्फ दीपु विश्वकर्मा फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'साइ-वज्र ' के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के सदस्य जनपद छोड़कर भागने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने सिटी रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर तीन आरोपियों गुलशन सोनी, सूरज उपाध्याय और अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि विभिन्न लोगों के बैंक खातों में मंगवाते थे और बाद में एटीएम के माध्यम से नकदी निकाल लेते थे। निकाली गई रकम का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा गिरोह के सरगना दीपेश उर्फ दीपु विश्वकर्मा को दिया जाता था, जबकि शेष 20 प्रतिशत राशि आरोपी आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह बैंक खाते खुलवाने और अन्य कार्यों के लिए फर्जी आधार कार्ड का भी इस्तेमाल करता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 92 हजार रुपये नकद, 10 फर्जी आधार कार्ड और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, आधार या पैन कार्ड से संबंधित जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति के लिए अपने बैंक खाते का उपयोग करना भी साइबर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
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