जौनपुर , अगस्त 26 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में सस्ते दाम पर सोना दिलाने का झांसा देकर व्यापारी से तीन लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण ने पीड़ित की शिकायत पर समय से मुकदमा दर्ज न करने और मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर जलालपुर थाने के पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 25 अगस्त को शकरमंडी निवासी व्यापारी आकाश सेठ को एक अज्ञात नंबर से सस्ते दाम पर सोना उपलब्ध कराने का लालच दिया गया। प्रस्ताव के झांसे में आकर आकाश अपने मित्र सौरभ प्रताप के साथ तीन लाख रुपये लेकर जलालपुर थाना क्षेत्र के इजरी गांव पहुंचा।
आरोप है कि वहां अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह, इंद्रजीत सरोज और विशाल सिंह ने दोनों के साथ मारपीट की और उनके पास मौजूद तीन लाख रुपये लूट लिए। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की जानकारी मिलने पर डीआईजी वैभव कृष्ण ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। रेंज कंट्रोल से मामले का फीडबैक लेने पर सामने आया कि पीड़ित की तहरीर मिलने के बावजूद समय से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी नहीं की गई।
जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही की पुष्टि होने के बाद 26 अगस्त को जलालपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 383/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह और इंद्रजीत सरोज को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई तीन लाख रुपये की नकदी और पीड़ित की कार बरामद की है। मामले में फरार एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मामले में कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में जलालपुर थाने के पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें उपनिरीक्षक राम भुवन यादव, हल्का प्रभारी, रिक्रूट कांस्टेबल राज सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल शिवा सिंह, हेड मुहर्रिर संतोष मिश्रा और कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र शामिल हैं।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि अपराध की सूचना मिलने के बाद मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम और गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। साथ ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है।
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