जौनपुर , जुलाई 09 -- अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) के आह्वान पर गुरुवार को देश भर में आशा कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन किया। जौनपुर में भी आशा कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार महासंघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति की हाल ही में पुणे (महाराष्ट्र) में हुई बैठक में आशा कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद आंदोलन का निर्णय लिया गया था। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती निर्मला शर्मा तथा संचालन महामंत्री श्रीमती लक्ष्मी शर्मा ने किया। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर 2025 में भी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते इस बार 17 सूत्रीय मांगों को लेकर दोबारा आंदोलन किया गया।

आशा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 26,000 से 48,000 रुपये तक मासिक वेतनमान लागू करना, वार्षिक वेतनवृद्धि, पदोन्नति कैडर की व्यवस्था, समान कार्य के लिए समान वेतन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन, ठेका प्रथा समाप्त करना, यात्रा भत्ता (टीए) सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करना शामिल है। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित