जौनपुर , सितंबर 7 -- उत्तर प्रदेश में शिराज-ए-हिन्द के नाम से प्रसिद्ध जौनपुर की ऐतिहासिक शाही अटाला मस्जिद में सोमवार को धार्मिक एकता और भाईचारे का संदेश देखने को मिला, जब ईरान स्थित अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मौलाना जमीर अब्बास जाफरी ने सुन्नी इमाम मौलाना कारी शब्बीर के पीछे नमाज अदा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नमाज के दौरान मौलाना जाफरी और अन्य नमाजी एक ही सफ में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए। इस दृश्य को धार्मिक सौहार्द और आपसी एकता का प्रतीक माना गया और यह लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग विचारधाराओं और धार्मिक परंपराओं के बावजूद एक किब्ला और अल्लाह के सामने सभी की समानता का संदेश आपसी भाईचारे को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में ऐसे अवसर समाज में एकता, सौहार्द और परस्पर सम्मान की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।

शाही अटाला मस्जिद में एक साथ नमाज अदा करने का यह दृश्य लोगों के लिए आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करने का संदेश देता नजर आया।

इस मौके पर शाही अटाला मस्जिद के संचालक जावेद महमूद, पत्रकार अब्दुल हक अंसारी, सभासद अलमास सिद्दीकी, शाहिद मेंहदी, नेहाल हैदर, आरिफ अनस समेत अन्य लोगों ने मौलाना जमीर अब्बास जाफरी का स्वागत किया।

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