कोलकाता , जुलाई 16 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को उन नेताओं को कड़ा संदेश दिया जो पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो 21 जुलाई को होने वाली 'शहीद दिवस' रैली से पहले ही ऐसा कर लें।
हाल के हफ़्तों में कई पूर्व मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने तृणमूल छोड़ी है। इनमें सबसे ताज़ा नाम राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक उर्फ रूक्मिणी है, जिन्होंने गुरुवार को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया। पार्टी का एक धड़ा पहले ही ऋतब्रत बनर्जी के समूह के साथ हो चुका है, जबकि पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने हाल ही में पाला बदला है। दिलचस्प बात यह है कि गुरुवार को पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता ने भी सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने का फ़ैसला सुनाया।
सुश्री बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश करने के बजाय 21 जुलाई से पहले ही विरोधी खेमे में शामिल हो जाना चाहिए।उन्होंने कहा, "जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें 21 जुलाई से पहले ऐसा कर लेना चाहिए, लेकिन कभी यह न सोचें कि पार्टी को बदनाम करके आप अपना सम्मान बढ़ा रहे हैं। अगर ज़रूरी हो तो अपने परिवार को बचा लें। आपका परिवार, संपत्ति और सामान ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पैकेज की वजह हैं।"पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर भाजपा पर निशाना साधते हुए सुश्री बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अपने नाम या चुनाव चिह्न बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करके उनकी विचारधारा, उद्देश्यों और सिद्धांतों को खत्म नहीं किया जा सकता। उनकी यह टिप्पणी कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा तृणमूल के कालीघाट गुट को 21 जुलाई को बिड़ला तारामंडल के सामने रैली करने की अनुमति देने के एक दिन बाद आई है।
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