जोधपुर , जुलाई 31 -- राजस्थान के जोधपुर में राज्य पीसीपीएनडीटी टीम ने पोर्टेबल मशीन से अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते एक क्लीनिक संचालक को गिरफ्तार किया है।

मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि जोधपुर में एक बड़े डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम देते हुए बनाड रोड स्थित श्री सागर क्लीनिक में पोर्टेबल मशीन से अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते आरोपी ओमाराम चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही काम में ली पोर्टेबल मशीन, मोबाईल एवं भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में ली गयी 50 हजार के हू-ब-हू नोट बरामद किये।

डॉ. जोगाराम ने बताया कि आरोपी के निजी नर्सिंग होम पर पिछले लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी। आरोपी अपना जोधपुर के बनाड रोड पर नर्सिंग होम संचालित करता है। उन्होंने बताया कि सूचना पुख्ता करने के बाद परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी सोनल मीणा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजली अजीत जोरवाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद डिकॉय गर्भवती महिला को आरोपी ने पहले पावटा बुलाया। इसके बाद अपनी स्कॉर्पियो गाडी में जोधपुर में अपने क्लीनिक ले गया वहीं उन्होंने एक पोर्टेबल मशीन जोकि एक एप के माध्यम से मोबाइल से जुड़ी हुई थी, उससे सोनोग्राफी की। पीबीआई थाना पुलिस ने ईशारा मिलते ही आरोपी ओमाराम को हिरासत में ले लिया है। साथ ही आरोपी से भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में ली गयी 50 हजार रुपए की राशि, पोर्टेबल मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बरामद लिए हैं।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से एक हैंडहोल्ड पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड प्रोब का इस्तेमाल करता था, जो तार के माध्यम से मोबाइल फोन से जुड़ जाता है। मोबाइल में मौजूद विशेष एप स्क्रीन का कार्य करती है और सामान्य सोनोग्राफी की तरह भ्रूण की तस्वीर दिखाई देती है। इस तरह के डिवाइस का चलन विदेशों में बहुत ज्यादा होता है। भारत देश में भ्रूण का लिंग परीक्षण करना और करवाना पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय अपराध है।

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