जयपुर , अक्टूबर 01 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जोधपुर के उदय मंदिर आसन क्षेत्र में पुलिस की दबिश के दौरान एक युवक की मृत्यु का मामला अत्यंत दुखद और गंभीर है।
श्री गहलोत ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि छह-सात साल पुराने मामूली से मुकदमेमें ऐसी दहशत बनाकर दबिश दी गयी, जबकि मृतक कोई गंभीर अपराधी नहीं था। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी, तो फिर सवाल उठता है कि आखिर पुलिस वहां क्यों गयी और यदि गयी भी तो घर में मौजूद महिलाओं सहित परिजनों से बदसलूकी क्यों की गयी। पुलिस की इस दहशतभरी कार्रवाई से यह हादसा हो गया, जिससे उसकी जान चली गयी।
उन्होंने कहा कि परिजनों एवं स्थानीय लोगों द्वारा भी पुलिस की कार्यशैली और प्रताड़ना को लेकर गंभीर सवाल उठाये जा रहे हैं, ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है, जिससे दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई एवं पीड़ित परिजनों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।
श्री गहलोत ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से इस घटना के संबंध में बात की है। पीड़ित परिजन दोषियों पर कार्रवाई, मुआवजा एवं नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पीड़ित परिवार की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित