वाशिंगटन , जुलाई 19 -- जॉर्डन में अमेरिकी और सहयोगी देशों के सैन्य ठिकानों पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल एवं ड्रोन हमलों में दो अमेरिकी सैनिक मारे गये हैें और एक अन्य सैनिक लापता है। अमेरिकी सेना ने रविवार (भारतीय समयानुसार) को यह जानकारी दी।
मार्च के बाद यह पहली बार है जब ईरान की प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि 17 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी और सहयोगी बल ईरानी मिसाइल एवं ड्रोन हमलों को विफल करने के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गये और एक सैनिक लापता हो गया।
सेंटकॉम के अनुसार, चार अन्य अमेरिकी सैनिकों को उपचार के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिन्हें बाद में छुट्टी दे दी गई। कुछ अन्य सैनिकों को मामूली चोटें आईं और वे फिर से ड्यूटी पर लौट आये हैं।
अमेरिकी सेना ने कहा कि मृत सैनिकों की पहचान उनके परिजनों को सूचना दिये जाने के 24 घंटे बाद सार्वजनिक की जाएगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैनिकों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए इसे "बेहद दुखद घटना" बताया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि मिसाइल और ड्रोन हमले में कई अमेरिकी विमान नष्ट कर दिये गये। इस दावे की फिलहाल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
अमेरिकी सेना ने बाद में घोषणा की कि मारे गए सैनिकों की मौत के जवाब में ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिये गये हैं। अमेरिकी सैन्य आंकड़ों के अनुसार, लगभग पांच महीने से जारी इस संघर्ष में अब तक मारे गये अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गयी है।
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