लंदन , अप्रैल 09 -- ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने गुरुवार को कहा कि यदि समुद्री तट के नीचे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाने की कोई भी कोशिश की गई, तो रूस को 'गंभीर परिणाम' भुगतने होंगे।

ब्रिटिश रक्षा मंत्री की यह चेतावनी उस खुलासे के बाद आई है जिसमें उन्होंने बताया कि ब्रिटेन ने रूसी पनडुब्बियों को अपने केबल और पाइपलाइनों पर हमला करने से रोकने के लिए सशस्त्र बलों को तैनात किया था। ये रूसी पनडुब्बियाँ इस साल की शुरुआत में लगभग एक महीने तक ब्रिटिश जलक्षेत्र के आसपास मौजूद थीं।

प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री हीली ने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन से मैं कहना चाहता हूँ कि हम आपको देख रहे हैं। हम अपने केबल और पाइपलाइनों के ऊपर आपकी गतिविधियों को देख रहे हैं। आपको पता होना चाहिए कि उन्हें नुकसान पहुँचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे।" उन्होंने यह भी नोट किया कि ब्रिटेन ने अटलांटिक महासागर में रूसी गतिविधियों में वृद्धि दर्ज की है।

श्री हीली ने बताया कि ब्रिटिश ऑपरेशन एक महीने से अधिक समय तक चला, जिसमें रॉयल नेवी के युद्धपोत और पी-8 समुद्री गश्ती विमान शामिल थे। इन बलों ने तीन रूसी पनडुब्बियों द्वारा की जा रही 'दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों' पर नज़र रखी और उन्हें रोका। उन्होंने कहा कि रूसी गतिविधियाँ उस समय हुईं जब ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले के कारण दुनिया की नज़रें पश्चिमी एशिया पर टिकी थीं।

ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने इस ऑपरेशन को सार्वजनिक करने का उद्देश्य बताते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पता चल जाए कि उनकी गतिविधियों का पता लगा लिया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह ऑपरेशन कहाँ हुआ, लेकिन उन्होंने जानकारी दी कि रूसी अभियान में एक 'अकुला-श्रेणी' की हमलावर पनडुब्बी और मॉस्को के गहरे समुद्र अनुसंधान निदेशालय ( जीयूजीआई) की दो विशेष पनडुब्बियाँ शामिल थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गतिविधि ब्रिटेन के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नहीं थी।

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