ईटानगर , मई 28 -- अरुणाचल प्रदेश के नवनिर्मित केयी पन्योर जिले को भारत का पहला 'बायो-हैप्पी जिला' घोषित किया गया है। यह उपलब्धि जैव विविधता संरक्षण को मानवीय कल्याण के साथ एकीकृत करने की एक अनूठी पहल है।

'बायो हैप्पीनेस और जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता' पर दो दिन के महोत्सव और हितधारक परामर्श का उद्घाटन कृषि मंत्री गेब्रियल डी वांगसू ने यजाली के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया।

यचुली विधायक कार्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) केई पन्योर, अरुणाचल राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एआरएसआरएलएम) और एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (एमएसएसआरएफ) द्वारा मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद सतत विकास, कृषि जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता आजीविका को बढ़ावा देना है।

श्री वांगसू ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि अरुणाचल प्रदेश का पारंपरिक पारिस्थितिकीय ज्ञान और स्वदेशी खेती जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर से निपटने में बहुत जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के बदलते पैटर्न, छोटी अवधि का सर्दियों का मौसम, बढ़ती बाढ़ की घटनाओं ने इस इलाके में खेती के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

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