नयी दिल्ली , जुलाई 29 -- राजधानी दिल्ली में जैव ऊर्जा पर तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन- 'बायोएनर्जी ग्लोबल 2026' बुधवार को शुरु हुआ जिसमें 200 से अधिक इकाइयां अपने उत्पाद एवं प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करेंगी।
यशोभूमि में इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में 31 जुलाई तक चलने वाले इस कार्यक्रम के परिचर्चा सत्रों में दुनिया भर से आने वाले जैव ऊर्जा विशेषज्ञ, नीति निर्माता, उद्योगपति और वैज्ञानिक भारत को जैव ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बनाने की वृहद योजना पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
कन्फेडरेशन ऑफ बायोमास एनर्जी इंडस्ट्री ऑफ इंडिया के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल मोनीश आहूजा (सेवानिवृत्त) ने इसके बारे में जानकारी देते हुए पत्रकारों से कहा: "भारत जैव ऊर्जा के एक नये युग में प्रवेश कर रहा है, जहां सरकार, उद्योग और किसानों का सामूहिक प्रयास एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। बायोएनर्जी ग्लोबल 2026 में मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जहां तक स्वच्छ ऊर्जा समाधानों का सवाल है, दुनिया में भारत का प्रमुख स्थान है।"आयोजकों ने कहा है कि इस आयोजन के विभिन्न सत्रों को 50 से ज्यादा विशेषज्ञ संबोधित करेंगे और इन तीन दिनों में प्रदर्शनी में हजारों की संख्या में देश विदेश के व्यावसायिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य जैव ऊर्जा और नवीनीकरणीय ऊर्जा के जरिये जनमानस को स्वच्छ भारत और हरित भविष्य के प्रति जागरूक करना और भारत के हरित ऊर्जा संकल्प को एक नयी गति और मजबूती प्रदान करना है।
इस दौरान स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और बायोएनर्जी क्षेत्र के नये नवाचारों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में जैव ऊर्जा विशेषज्ञ जैव ईंधन, बायोमास, बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस, कचरे से ऊर्जा, सतत विमानन ईंधन, बायो रिफाइनरी, नवीकरणीय ऊर्जा और चक्रीय अर्थव्यवस्था के विकल्पों पर चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं।
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