बागेश्वर , जून 13 -- उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शनिवार को कपकोट क्षेत्र का दौरा कर किसानों से संवाद किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और मानसून सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन तैयारियों का निरीक्षण भी किया।

प्रभारी मंत्री ने ग्राम पंचायत शामा में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के साथ संवाद करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा पारंपरिक और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।

मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता बनाए रखने में सहायक है, बल्कि इससे कृषि उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। इस दौरान किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान और तकनीकी सहायता की भी जानकारी दी गई।

इससे पहले प्रभारी मंत्री ने वन विभाग कपकोट परिसर में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है।

इसी दौरान उन्होंने कपकोट स्थित केदारेश्वर मैदान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा मानसून सीजन के मद्देनजर की जा रही तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त रखी जाएं और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता दिखाई जाए।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा की आशंकाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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