बिलासपुर , जुलाई 31 -- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को चुनाव याचिका प्रकरण में राहत देने से इनकार करते हुए उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने गुरुवार को विधायक के निर्वाचन को चुनौती देने वाली दोनों चुनाव याचिकाओं को अगली सुनवाई के लिए 19 अगस्त को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। इस सुनवाई की जानकारी शुक्रवार को वकीलों के माध्यम से मीडिया को प्राप्त हुई।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित बालेश्वर साहू के निर्वाचन को चुनौती देते हुए सरोज कुमार चंद्रा और दिगंबर साहू ने अलग-अलग चुनाव याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि विधायक ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड का सोशल मीडिया पर आवश्यक प्रचार-प्रसार नहीं किया तथा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया। इन आधारों पर उनका निर्वाचन निरस्त करने की मांग की गई है।
मामले में विधायक की ओर से यह तर्क दिया गया कि दोनों चुनाव याचिकाएं निर्वाचन परिणाम घोषित होने के बाद निर्धारित 45 दिन की वैधानिक अवधि के भीतर दायर नहीं की गईं इसलिए उन्हें खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय पहले ही इस आपत्ति को अस्वीकार कर चुका था। इसके बाद दायर पुनर्विचार याचिका में कहा गया कि चुनाव परिणाम तीन दिसंबर 2023 को घोषित हुआ था और याचिकाएं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप दाखिल नहीं हुईं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टीके झा ने पुनर्विचार याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि समीक्षा के लिए अभिलेख पर ऐसी कोई त्रुटि नहीं है, जो पुनर्विचार का आधार बन सके।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि चुनाव याचिकाओं के साथ निर्वाचित प्रत्याशी के आपराधिक रिकॉर्ड के सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों में प्रकाशन से संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर की जानकारी तथा सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त नामांकन पत्र की प्रमाणित प्रति सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। न्यायालय ने पुनर्विचार याचिका में कोई आधार नहीं पाते हुए उसे खारिज कर दिया तथा दोनों चुनाव याचिकाओं को 19 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।
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