हरिद्वार , फरवरी 27 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जिला में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल रंग ला रही है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के प्रयासों से रुड़की स्थित जे एन सिन्हा मेमोरियल उप जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को नौ बिस्तर (बेड) का आधुनिक आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर तैयार कर संचालन शुरू किया गया।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिले के चिकित्सालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी लगातार निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। उप जिला चिकित्सालय के पूर्व निरीक्षण के दौरान आपातकालीन सेवाओं में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सीएसआर के माध्यम से करीब 20 लाख रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर विकसित कराने की पहल की।

नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। यहां गंभीर रूप से घायल और आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों का त्वरित उपचार शुरू कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली है।

संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के प्रयासों से तैयार यह सेंटर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही सीएमएस को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए.के. मिश्रा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के शुरू होने से आपातकालीन मरीजों को तत्काल और बेहतर उपचार मिल रहा है। इस अवसर पर डॉ. रजत सैनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

नए ट्रॉमा सेंटर के संचालन से रुड़की और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

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