जम्मू , अप्रैल 28 -- जम्मू-कश्मीर की कठुआ जिला जेल से रिहा होने के बाद, आम आदमी पार्टी के विधायक महराज मलिक ने मंगलवार को कहा कि अब समय आ गया है कि हमें धार्मिक विभाजन से ऊपर उठकर मानवता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
श्री मलिक ने कठुआ जेल से रिहा होने के बाद पत्रकारों से कहा, "जम्मू-कश्मीर में सुधार और जन कल्याण के लिए मेरा राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा।" जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी हिरासत को रद्द कर दिया है।
उन्होंने कहा, "मैं जनता के मुद्दों को उठाता रहूंगा। न्याय मिल गया है और मैं न्यायपालिका का आभारी हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि अंततः समय ही सच्चाई को उजागर करता है। आप विधायक ने लोगों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि टीम से परामर्श करने के बाद जल्द ही उनका जनसंपर्क अभियान फिर से शुरू किया जाएगा । उन्हाेंने कहा "हम उचित योजना बनाएंगे और पूरे क्षेत्र के लोगों से जुड़ेंगे, जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है।"गोैरतलब है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मोहम्मद यूसुफ वानी ने अधिकारियों को याचिकाकर्ता-बंदी को तत्काल निवारक हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया और पिछले साल आठ सितंबर को डोडा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विधायक के खिलाफ जारी किए गए हिरासत आदेश को रद्द कर दिया।
श्री मलिक जम्मू-कश्मीर में आम आदमी पार्टी की इकाई के अध्यक्ष भी हैं। उन्हें सितंबर में सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें कठुआ जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने 24 सितंबर को उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपनी हिरासत को चुनौती दी और मुआवजे के तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की। उच्च न्यायालय ने 23 फरवरी को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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