रायपुर , दिसंबर 05 -- छत्तीसगढ में कांकेर जिले के आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर की रायपुर मेकाहारा अस्पताल में हुई संदिग्ध मृत्यु ने जिलेभर में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है। परिवार के सदस्यों और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि जेल प्रबंधन की लापरवाही और महत्वपूर्ण जानकारियों को छिपाने के कारण जीवन ठाकुर की जान गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने थाना चारामा प्रभारी को ज्ञापन भी सौंपा है।

शुक्रवार को मिली जानकारी के मुताबिक जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को एक जमीन विवाद के मामले में गिरफ्तार कर जिला जेल कांकेर में रखा गया था। परिजनों का कहना है कि उन्हें दो दिसंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। न तो स्थानांतरण की जानकारी दी गई और न ही स्वास्थ्य खराब होने या अस्पताल में भर्ती कराए जाने की सूचना परिवार तक पहुंचाई गई।

गत चार दिसंबर की सुबह 4:20 बजे जीवन ठाकुर की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां सुबह 7:45 बजे उनका निधन हो गया। परिवार को इस घटना की सूचना शाम करीब पांच बजे दी गई, जिससे परिजनों में आक्रोश और बढ़ गया। उनका आरोप है कि यदि स्वास्थ्य लगातार खराब था, तो समय पर उपचार क्यों नहीं मिला और रेफर करने की प्रक्रिया के दौरान परिवार को क्यों नहीं बताया गया।

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