चंडीगढ़ , जून 01 -- पंजाब के जेल मंत्री डॉ रवजोत सिंह ने सोमवार को जेल प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि राज्य की किसी भी जेल में होने वाली हिंसक घटना, सुरक्षा चूक या प्रशासनिक लापरवाही के लिए संबंधित जेल अधीक्षक और जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब भवन में राज्य की सभी जेलों के अधीक्षकों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सुरक्षित, अनुशासित और सुधारात्मक जेल व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेलों के भीतर हिंसा और अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के कल्याण और विभाग के समग्र कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी। डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन करें, कमियों की पहचान करें और समय रहते सुधारात्मक कदम उठायें। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी वही है जो ईमानदारी, समर्पण और पेशेवर ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करे। सरकार की जेलों में हिंसा और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई होगी।

जेल मंत्री ने कहा कि जेलों की भूमिका केवल कैदियों को बंद रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुधार, पुनर्वास और कैदी कल्याण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिये कि कैदियों की शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और मनोवैज्ञानिक परामर्श संबंधी कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाये, ताकि रिहाई के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य की जेलों में चल रही विभिन्न सुधारात्मक पहलों की जानकारी भी दी। इस दौरान कैदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, स्टाफ भर्ती, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गयी।

बैठक में जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तैयब, एडीजीपी जेल आर.के. जायसवाल, राज्य की सभी जेलों के अधीक्षक तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित