चंडीगढ़ , सितंबर 21 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने सोमवार को राज्य सरकार से नशे के खिलाफ कार्रवाई के वास्तविक परिणामों का ब्योरा सार्वजनिक करने और राज्य में नशे की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। श्री कैंथ ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से पेश आंकड़ों के अनुसार, राज्य की जेलों में बंद 35,449 कैदियों में से 15,768 ओपिओइड-असिस्टेड ट्रीटमेंट(ओएटी) के लिए पंजीकृत हैं, जो करीब 45 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने नशे पर निर्भर कैदियों के उपचार और पुनर्वास के लिए सरकारसे कार्ययोजना भी मांगी है। उन्होंने कहा कि केवल प्राथमिकी और गिरफ्तारियों के आंकड़े नशामुक्त पंजाब का प्रमाण नहीं हो सकते। सरकार को यह बताना चाहिए कि नशे की उपलब्धता, मांग, सेवन, नशे पर निर्भरता और नशे से होने वाली मौतों में कितना बदलाव आया है।

श्री कैंथ के अनुसार, एक मार्च 2025 से 10 सितंबर 2026 के बीच पंजाब में नशा तस्करी के मामलोंमें 60,582 प्राथमिकी दर्ज की गईं, 79,784 कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 3,803 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाते हैं, लेकिन नशामुक्ति और पुनर्वास की सफलता का आकलन करने के लिए अलग-अलग परिणाम सामने रखने होंगे। उन्होंने सरकार से पूछा कि 'नशे के खिलाफ युद्ध' अभियान के बाद नशे की वास्तविक उपलब्धता और खपत में कितनी कमी आई, उपचार शुरू करने वाले कितने लोग पूरी तरह नशामुक्त होकर पुनर्वासित हुए, बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ी कितनी संपत्तियां जब्त हुईं और कितने मामलों में दोषसिद्धि हुई। उन्होंने नशा रोकथाम, उपचार और पुनर्वास पर खर्च की गई सरकारी राशि का ब्योरा भी मांगा।

श्री कैंथ ने जिलेवार नशे से होने वाली मौतों, उपचार, पुनर्वास, गिरफ्तारियों और दोषसिद्धि के आंकड़ों वाला 'पंजाब ड्रग क्राइसिस श्वेत पत्र' जारी करने की मांग की। उन्होंने बताया कि भाजपा की 'नशामुक्त पंजाब यात्रा' जनजागरूकता अभियान के तहत 28 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे नाभा के गांव थूही पहुंचेगी।

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