रांची , जुलाई 30 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है।
जांच के तहत प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से उनकी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की अपील की गई है। इसके लिए सीआईडी ने व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है।
सीआईडी की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी का पीडीएफ बनाकर या उसकी स्पष्ट तस्वीर लेकर एसआईटी को भेज सकते हैं। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 9934309058 और ईमेल आईडी Complainjpsc.cid@jhpolice.gov.in जारी की गई है।
जांच एजेंसी का मानना है कि अभ्यर्थियों से प्राप्त ओएमआर शीट की प्रतियां जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती हैं।
इधर, सीआईडी ने मामले की जांच को लेकर अपनी कार्रवाई भी तेज कर दी है। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन बुधवार, 29 जुलाई को सीआईडी मुख्यालय में कई घंटे तक पूछताछ की गई। इससे पहले 28 जुलाई को भी उनसे करीब आठ घंटे तक विस्तृत पूछताछ हुई थी।
पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने परीक्षा संचालन, मूल्यांकन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से सवाल किए। जांच एजेंसी कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाल रही है और दस्तावेजों के साथ बयानों का मिलान किया जा रहा है।
सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को 31 जुलाई को एक बार फिर पूछताछ के लिए तलब किया है। माना जा रहा है कि आगामी पूछताछ में परीक्षा प्रक्रिया और निर्णयों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर उनसे जानकारी ली जाएगी।
वहीं, अभ्यर्थियों से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी मंगाने के कदम को जांच में अहम माना जा रहा है, जिससे कथित गड़बड़ियों की सत्यता की पड़ताल और साक्ष्यों के सत्यापन में मदद मिल सकेगी।
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