जम्मू , जुलाई 03 -- जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के पूर्व अध्यक्ष जावेद अहमद किताब के खिलाफ दायर एक मामले में जम्मू के उप न्यायाधीश और विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 25 जून के उस विवादित नोटिस पर रोक लगा दी है, जिसमें पूर्व अध्यक्ष ने विशेष आम बैठक (एसजीएम) बुलायी थी।

अदालत ने 27 जून को उनकी तरफ से जारी प्रेस बयान और उससे उत्पन्न होने वाली सभी आगामी कार्रवाइयों पर भी रोक लगा दी है।

जेकेसीए की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल पंत और अधिवक्ता रजत गुप्ता की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दो जुलाई को यह आदेश दिया। न्यायालय ने पूर्व अध्यक्ष के 25 जून को जारी उस विवादित नोटिस पर रोक लगा दी है, जिसके जरिये विशेष आम बैठक (एसजीएम) बुलायी गयी थी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अदालत ने श्री किताब को सदस्यों, संबद्ध इकाइयों, सरकारी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य हितधारकों के सामने जेकेसीए अध्यक्ष पद की शक्तियों का उपयोग करने से भी रोक दिया है।

उन्हें सुनवाई की अगली तारीख तक जेकेसीए के नाम पर कोई भी संदेश या पत्र जारी करने या प्रशासनिक निर्णय लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जेकेसीए ने अदालत के इस आदेश का स्वागत किया है और एसोसिएशन के पारदर्शी, संवैधानिक और कानूनी कामकाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है।एसोसिएशन ने कहा है कि वह खिलाड़ियों, संबद्ध इकाइयों और सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है और यह सुनिश्चित करती रहेगी कि जेकेसीए का सारा कामकाज पूरी तरह से इसके संविधान और कानून के अनुसार ही चलाया जाये।

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