नयी दिल्ली , अगस्त 07 -- कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में यूजीसी के अनिवार्य नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं और इसके लिए केंद्र सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर शुक्रवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा विरोधी हैं और जेएनयू को कमजोर करना उनकी राजनीतिक परियोजना का हिस्सा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी 2022 में सरकार ने संतिश्री धुलीपुडी पंडित को कुलपति बनाया और उसके बाद जेएनयू में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) नियमों का उल्लंघन करते हुए कम से कम पांच एसोसिएट प्रोफेसर और दो प्रोफेसरों की नियुक्तियां की गईं है। उनका यह भी दावा है कि कुलपति के कार्यकाल में 220 से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां हुई हैं और अनियमितताओं का वास्तविक दायरा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
श्री खेड़ा ने आरोप लगाया है कि कम से कम दो कार्यरत शिक्षकों को नियमित पदोन्नति प्रक्रिया का पालन किए बिना प्रत्यक्ष भर्ती के माध्यम से प्रोफेसर नियुक्त किया गया।
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