रायपुर , जून 20 -- छत्तीसगढ़ सरकार शासन और प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जुलाई माह में 'चिंतन शिविर 3.0' आयोजित करने जा रही है। दो दिवसीय यह शिविर नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य भाग लेंगे।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार इस आयोजन को प्रशासनिक क्षमता संवर्धन और सुशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है। शिविर के दौरान मंत्रियों को प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्माण, नेतृत्व विकास, तकनीकी नवाचार तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विषय विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों के माध्यम से बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा तकनीक आधारित बनाने के उपायों पर मार्गदर्शन देंगे।

शिविर में योजनाओं की प्रभावी निगरानी, परिणाम आधारित कार्य संस्कृति के विकास, त्वरित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श भी किया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व में आयोजित दो चिंतन शिविरों से प्राप्त अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार के आयोजन को अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और जनहित केंद्रित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि साय सरकार का पहला चिंतन शिविर 31 मई और एक जून 2024 को आईआईएम नवा रायपुर में आयोजित किया गया था, जिसमें 'विकसित छत्तीसगढ़-2047' के विजन, सुशासन, नीति निर्माण तथा प्रशासनिक दक्षता जैसे विषयों पर मंथन हुआ था। इस दौरान नीति आयोग से जुड़े विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्रिपरिषद को संबोधित किया था।

इसके बाद आठ और नौ जून 2025 को आयोजित 'चिंतन शिविर 2.0' में सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा, विभागीय समन्वय, नवाचार, वित्तीय प्रबंधन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र सहित विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप पर चर्चा हुई थी। शिविर में मंत्रियों ने विभागवार प्रस्तुतियां भी दी थीं।

अब राज्य सरकार तीसरे चिंतन शिविर की तैयारियों में जुट गई है, जहां प्रशासनिक दक्षता और सुशासन को नई दिशा देने पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।

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