मोहाली , सितंबर 22 -- पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने जुझार नगर गांव में 500 से अधिक परिवारों को भेजे गए पानी के कथित अवैध बिलों का मुद्दा उठाते हुए मामले की तत्काल जांच की मांग की है।

श्री सिद्धू ने दावा किया कि ग्रामीणों को 5,000 से 8,000 रुपये तक के पानी के बिल भेजे गए हैं, जबकि ये बिल किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि सामान्य श्रेणी के लिए सरकारी पानी शुल्क 150 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 75 रुपये है, जबकि पंचायत को जलापूर्ति का जिम्मा संभाले अभी करीब दो महीने ही हुए हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पंचायत और सरपंच द्वारा गठित जलापूर्ति एवं स्वच्छता समिति पुराने बकाये के नाम पर हजारों रुपये की मांग कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिल वसूली के लिए सरपंच के पिता को जिम्मेदारी दी गई है और अतिरिक्त चार प्रतिशत शुल्क लिया जा रहा है।

श्री सिद्धू ने कहा कि उन्होंने संबंधित कार्यकारी अभियंता से भी बात की, जिन्होंने कथित तौर पर बताया कि विभाग ने कोई पिछला बकाया दर्ज नहीं किया और न ही ऐसे बिल जारी किए हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकारी विभाग ने बिल जारी नहीं किए तो 500 से अधिक परिवारों से हजारों रुपये की वसूली किस आधार पर की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल नहीं भरने वाले लोगों के पानी के कनेक्शन काटे जा रहे हैं और दोबारा कनेक्शन के लिए 2,500 रुपये तथा नए कनेक्शन के लिए 25,000 रुपये मांगे जा रहे हैं।

श्री सिद्धू ने पंजाब सरकार से मामले की जांच कर नियमों के विपरीत वसूली पाए जाने पर राशि लौटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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