बैतूल , अगस्त 29 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र में कथित जुआ फड़ का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने दो पुलिसकर्मियों को थाने से हटाकर रक्षित केंद्र, बैतूल भेज दिया है। हालांकि, इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाए जाने से पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, प्रधान आरक्षक क्रमांक 209 अनिल धुर्वे और आरक्षक क्रमांक 455 रामकिशन नागोतिया को थाना बोरदेही से हटाकर रक्षित केंद्र, बैतूल में पदस्थ किया गया है। दोनों की नई पदस्थापना प्रशासनिक दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक की गई है।

आदेश में दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से आमद देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रक्षित निरीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी को दोनों कर्मचारियों की आमद-रवानगी की सूचना पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि बोरदेही थाना क्षेत्र में जुआ संचालित होने से संबंधित एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसके बाद विभाग ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस के आदेश में जुआ फड़ या वायरल वीडियो का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है और कार्रवाई को प्रशासनिक दृष्टिकोण से लिया गया निर्णय बताया गया है।

दो अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने के बाद थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने और उन्हें रोकने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होती है। ऐसे में यदि थाना क्षेत्र में जुआ संचालित होने का वीडियो सामने आता है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि निगरानी व्यवस्था किस स्तर पर काम कर रही थी।

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