पटना , अगस्त 19 -- बिहार में गया जिले के नीमचक बथानी प्रखंड की नैली पंचायत के गोवडीहा गांव की रहने वाली पिंकी कुमारी ने जीविका स्वयं सहायता समूह से सरल ऋण के रूप में मिले आर्थिक सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर पेवर ब्लॉक निर्माण के क्षेत्र में एक सफल पहचान बनाई है। आज पेवर ब्लॉक निर्माण एवं बिक्री के व्यवसाय से पिंकी कुमारी को प्रतिमाह लगभग 70 से 85 हजार रुपये की आय हो रही है। इस कार्य में उनके पति श्री पिंटू कुमार भी सहयोग करते हैं।
पिंकी कुमारी वर्ष 2013 में संगम जीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। जीविका से जुड़ने से पहले पिंकी और उनके पति कृषि कार्य के माध्यम से जीवन-यापन करते थे। इसी दौरान स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उन्हें एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस ऋण का उपयोग उन्होंने पेवर ब्लॉक निर्माण इकाई शुरू करने में किया। धीरे-धीरे व्यवसाय बढ़ा और पेवर ब्लॉक की मांग के साथ उनका कारोबार भी विस्तार लेने लगा। वर्तमान में उनकी फैक्ट्री में निर्मित पेवर ब्लॉक को ग्राहक आसपास के क्षेत्रों में सड़कों, बाहरी पार्क क्षेत्रों तथा अन्य स्थानों की फ्लोरिंग में उपयोग के लिये ले जा रहे हैं।
पिंकी कुमारी ने बताया , "जीविका से जुड़ने के कारण हमें आसानी से ऋण मिल सका और इसी सहयोग से पेवर ब्लॉक निर्माण का व्यवसाय शुरू करना संभव हुआ। व्यवसाय से होने वाली आमदनी से हमने ट्रैक्टर खरीदा और अपना घर भी बनाया। आज हम कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।"व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पिंकी ने समय-समय पर जीविका के माध्यम से अतिरिक्त ऋण लेकर अपने उद्यम का विस्तार किया। व्यवसाय से बढ़ती आय और सफलता को देखते हुए अब बैंक भी उन्हें ऋण देने के लिए तैयार हैं। पिंकी के अनुसार, जीविका से मिले आर्थिक सहयोग ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और रोजगार सृजन करने का अवसर भी दिया। इसके साथ आज वह आस-पास के कई लोगों को रोजगार भी मुहैया करवा रही हैं।
आज पिंकी कुमारी अपने पति के साथ मिलकर पेवर ब्लॉक निर्माण एवं बिक्री का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि जीविका स्वयं सहायता समूह के सहयोग से आसान ऋण की सुविधा और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु दिए जा रहे नियमित प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाएँ अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही हैं।
पिंकी कुमारी का लक्ष्य आने वाले समय में अपने व्यवसाय का और विस्तार करना तथा अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
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