पटना , अप्रैल 13 -- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हाल के चार वर्षों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित बैग कलस्टर से जीविका की दीदियों ने कुल 19.75 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, इसमें अकेले बैग कलस्टर शेड्स से 16.34 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।

जीविका के अधिकारियों का कहना है कि दीदियों के हाथों निर्मित आकर्षक बैग का बिहार के साथ दूसरे राज्यों में काफी मांग है। इस कारोबार से दीदियां तेजी के साथ आत्मनिर्भर बन रही हैं।

बिहार के मुजफ्फरपुर में संचालित जीविका बैग कलस्टर ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका सृजन और उद्यमिता विकास का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के संचालित बैग निर्माण उद्यमों को बढ़ावा देना और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करना है।

यह बैग कलस्टर पीपीपी मॉडल के तहत संचालित हो रहा है, जिसमें उद्योग विभाग (बियाडा) की ओर से आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही जीविका की ओर से सामुदायिक सशक्तिकरण एवं उद्यम विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

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