गोरखपुर , अप्रैल 15 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रौद्योगिकी जीवन को और भी स्पीड अप ;तीव्र गतिशील. कर सकती है जो इमर्जिंग टेक्नोलॉजी ;उभरती नई प्रौद्योगिकी. के कई उदाहरणों से इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

योगी बुधवार शाम महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर ;एमजीयूजी. में विकसित भारत.विकसित उत्तर प्रदेश 2047 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जीवन और विकास से जुड़े हर क्षेत्र को नई उड़ान और नई ऊंचाई दे सकती है। विकसित और आत्मनिर्भर भारत और विकसित एवं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने के लिए हमें इमर्जिंग टेक्नोलॉजी को प्रत्येक क्षेत्र का हिस्सा बनाना पड़ेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी को समस्या समाधान के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसके लिए इंसेफेलाइटिस नियंत्रण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2017.18 के पहले प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर इंसेफेलाइटिस से मौतें होती थीं। 40 वर्ष में 50 हजार मौतें इंसेफेलाइटिस से हुईं। तब इसे लाइलाज बीमारी और नियति का हिस्सा मान लिया गया था। सांसद के रूप में वह इस पर आंदोलन करते थे लेकिन 2017 में जब मुख्यमंत्री बने तो समाधान की जिम्मेदारी आई। सीएम ने बताया कि डेटा कलेक्ट कर उन्होंने बीमारी के कारण और समाधान पर टीम लगाकर काम शुरू कराया। पता चला कि इंसेफेलाइटिस उन परिवारों और बस्तियों में अधिक थी जहां स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता का अभाव था। उन्होंने ऐसे परिवारों के लिए शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। इसका परिणाम यह हुआ कि छह वर्ष में इंसेफेलाइटिस से मौत के आकंड़े शून्य हो गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी हमें समस्या का समाधान दे सकती है जरूरत है उसके अनुरूप रणनीति बनाने की है।

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