गौरेला-पेंड्रा-मरवाही , जून 29 -- छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य और अध्यक्ष नीलू शर्मा ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ का दौरा कर जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय जनसहभागिता पर आधारित पर्यटन मॉडल की सराहना करते हुए इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी बताया।

विभाग से आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों का जिले में स्वागत किया गया और उन्हें जीपीएम पर्यटन कॉफी टेबल बुक भेंट कर जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों तथा पर्यटन विकास की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

दौरे के दौरान अधिकारियों ने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों, पर्यटकों के लिए विकसित आधारभूत सुविधाओं, प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता से संचालित पर्यटन मॉडल की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि जिले में पर्यटन को स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जोड़कर विकसित किया जा रहा है।

राजमेरगढ़ भ्रमण के दौरान विवेक आचार्य और नीलू शर्मा ने पर्यटन समितियों द्वारा संचालित गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया। पर्यटन समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जनसहभागिता के माध्यम से पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है।

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