बेंगलुरु , अक्टूबर 25 -- कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कहा कि कोप्पल जिले की पारंपरिक किन्नवाल कला की मांग में हुई वृद्धि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राहत उपायों और केंद्र सरकार की आत्मनिर्भरता एवं पारंपरिक कौशल-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई आर्थिक नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
श्री विजयेंद्र ने कहा कि किन्नवाल कला के कारीगरों को अब देशभर से और यहां तक कि विदेशों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब मांग 'अपेक्षा से कहीं अधिक' है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास दृष्टिकोण के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है, जिसने उत्पादन और स्थानीय उद्यमिता दोनों में विस्तार को प्रोत्साहित किया है।
श्री विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार से इस शिल्प के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल, पोलाकी लकड़ी की नियमित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की समय पर उपलब्धता और राज्य नीतियां इस मांग में वृद्धि करने और स्थानीय कारीगरों की आजीविका की रक्षा के लिए आवश्यक होंगी।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "कर्नाटक की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान मिलने के साथ यह जरूरी है कि राज्य सरकार हमारे कारीगरों के साथ खड़ी हो और यह सुनिश्चित करे कि उनके पास इस काम को जारी रखने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक विकास दोनों में योगदान मिलता है।
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